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मुख्यमंत्री ने उ0प्र0 आउटसोर्स सेवा निगम का शुभारम्भ किया

 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि सरकार और कर्मचारी का सम्बन्ध केवल वेतन और कार्य का नहीं बल्कि विश्वास और जिम्मेदारी का भी है। कर्मचारी का जीवन कागजों और कार्यालयों के चक्कर लगाने में नहीं, अपने कर्तव्यों के निर्वहन और परिवार के बेहतर भविष्य के लिए व्यतीत होना चाहिए। प्रत्येक कर्मचारी को यह विश्वास होना चाहिए कि उसकी मेहनत का रिकॉर्ड सुरक्षित है, उसके अधिकारों की रक्षा होगी और उसकी समस्या सुनने के लिए प्रभावी तंत्र उपस्थित है।


मुख्यमंत्री जी आज यहां लोक भवन में उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (यू0पी0सी0ओ0एस0) का शुभारम्भ करने के पश्चात आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने निगम की वेबसाइट एवं डिजिटल पोर्टल का शुभारम्भ तथा ‘लोगो’ का अनावरण किया। उन्होंने आउटसोर्स कर्मियों को डेमो चेक भी प्रदान किए। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री जी के समक्ष उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम तथा भारतीय स्टेट बैंक के मध्य एम0ओ0यू0 का आदान-प्रदान किया गया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम का शुभारम्भ हो रहा है। इस निगम के माध्यम से प्रदेश के 03 लाख से अधिक आउटसोर्स कार्मिकों तथा उनके परिवारों के लगभग 17 से 20 लाख लोगों के हितों से जुड़ी व्यवस्था संचालित होगी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश की विगत 09 वर्षों की विकास यात्रा में सफाई कर्मियों, पम्प ऑपरेटरों, सचिवालय, चिकित्सालयों और शासन की विभिन्न व्यवस्थाओं से जुड़े प्रत्येक कार्मिक का योगदान है। सरकार की जिम्मेदारी है कि प्रत्येक कर्मचारी को उसकी गरिमा के अनुरूप सम्मान मिले और उसके श्रम का उचित मूल्य प्राप्त हो।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम का उद्देश्य आउटसोर्स वर्कफोर्स को ऑर्गेनाइज्ड, स्किल्ड, सिक्योर और डिग्निफाइड वर्कफोर्स में परिवर्तित करना है। भर्ती प्रक्रिया ऑनलाइन, पारदर्शी और योग्यता एवं मेरिट पर आधारित होगी तथा राज्य सरकार की आरक्षण नीति का अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। अब आउटसोर्स सेवा निगम के माध्यम से सरकार, विभाग, एजेंसी और कर्मचारी एक आधुनिक, पारदर्शी और तकनीक आधारित व्यवस्था से जुड़ेंगे। पहले यह व्यवस्था तीन खेमों में बंटी हुई थी, जिसमें कार्मिक, एजेंसी और सरकार सम्मिलित थी। कर्मचारी को अपनी समस्या के लिए अलग-अलग दरवाजों पर जाना पड़ता था। समय पर वेतन, सामाजिक और सेवा सम्बन्धी सुरक्षा की कोई स्पष्ट गारण्टी नहीं थी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि मैनपावर की आवश्यकता का आकलन, रिक्तियों का पूर्वानुमान और उसके अनुरूप ह्यूमन रिसोर्स प्लानिंग की जाएगी। भर्ती, पोस्टिंग, अटेण्डेंस, सैलरी, ग्रेच्युटी, इंश्योरेंस और अन्य सर्विस बेनिफिट का डिजिटल मैनेजमेंट एवं मॉनिटरिंग होगी। कर्मचारी अपनी सर्विस डिटेल, बैंक अकाउण्ट, पेमेण्ट और कटौती का विवरण पोर्टल पर देख सकेगा। वह ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकेगा, शिकायत का स्टेटस देख सकेगा तथा समयबद्ध समाधान प्राप्त कर सकेगा। नोडल अधिकारियों की जवाबदेही के साथ रियल टाइम मॉनिटरिंग एवं रिपोर्टिंग की व्यवस्था होगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पहले कई आउटसोर्स कर्मियों को 11 हजार रुपये, 08 हजार रुपये या 09 हजार रुपये का मानदेय निर्धारित होने के बावजूद उससे कम राशि प्राप्त होने की शिकायतें आती थीं। आउटसोर्स कर्मियों का मानदेय लगभग दोगुना तक बढ़ाने की व्यवस्था की गई है। अब श्रेणी एवं शैक्षिक योग्यता के अनुरूप सम्मानजनक पारिश्रमिक सुनिश्चित किया गया है। विभिन्न श्रेणियों में 20 हजार रुपये से लेकर उससे अधिक तक का पारिश्रमिक निर्धारित किया गया है। बड़े पदों एवं अधिक जिम्मेदारी वाले कार्यों के लिए 40 हजार रुपये तक के पारिश्रमिक की व्यवस्था की गई है। अब आउटसोर्स एजेंसी कर्मचारी के मानदेय से कोई अनधिकृत कटौती नहीं कर सकेगी। सरकार एजेंसी का सर्विस चार्ज अलग से देगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रत्येक माह का पारिश्रमिक अधिकतम 05 तारीख तक सीधे कर्मचारी के बैंक खाते में भेजा जाएगा। ई0पी0एफ0 और ई0एस0आई0 का अंशदान नियमित रूप से जमा होगा। कर्मचारी अपने बैंक खाते, उपस्थिति, भुगतान, कटौती और अन्य सेवा सम्बन्धी विवरण डिजिटल पोर्टल पर देख सकेगा। ई0पी0एफ0 की राशि कर्मचारी के नाम पर सुरक्षित होगी, जिससे सेवा अवधि पूर्ण होने के पश्चात उसे भविष्य की पूंजी प्राप्त हो सकेगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अब कोई आउटसोर्स कम्पनी मनमाने तरीके से कर्मचारी को सेवा से नहीं निकाल सकेगी। किसी कर्मचारी की सेवा समाप्त करने से पहले निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा और सरकार को इसकी जानकारी देनी होगी। यदि किसी कर्मचारी के विरुद्ध शिकायत है तो उसकी जांच होगी। शिकायत सही पाए जाने पर ही नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अनावश्यक उत्पीड़न और शोषण की अनुमति नहीं होगी।


मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2017 से पूर्व आउटसोर्स कर्मचारियों को बोझ के रूप में देखा जाता था और आउटसोर्स एजेंसियों के माध्यम से भर्ती में शोषण की शिकायतें आती थीं। अब सरकार ने आउटसोर्स कर्मियों को बोझ नहीं बल्कि प्रदेश का ह्यूमन रिसोर्स और एसेट माना है। आउटसोर्स सेवा निगम इसी दिशा में उठाया गया बड़ा कदम है। यह व्यवस्था भर्ती से लेकर भुगतान और सेवा सुरक्षा तक पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाएगी तथा बिचौलियों की भूमिका समाप्त करेगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सुशासन की पहली शर्त संवेदनशीलता है। इसी संवेदनशीलता के साथ सरकार आउटसोर्स कर्मियों को संस्थागत एवं सुरक्षित भविष्य उपलब्ध कराने का कार्य कर रही है। अधिकारों के साथ जिम्मेदारियां भी आती हैं। आउटसोर्स कर्मियों को अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करना चाहिए। सरकार ने उनके हितों की रक्षा के लिए व्यवस्था बनाई है तो कर्मियों को भी अपने कार्य में ईमानदारी, अनुशासन और सेवा भावना का परिचय देना होगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आउटसोर्स कर्मियों को ई0एस0आई0 के माध्यम से उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी। जहां ई0एस0आई0 अस्पताल में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं होगी, वहां उन्हें आयुष्मान भारत जैसी कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा से जोड़ने की व्यवस्था की जाएगी। कर्मचारी और उसके परिवार को स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। मातृत्व अवकाश सहित सभी वैधानिक सेवा लाभ भी सुनिश्चित किए जाएंगे। भारतीय स्टेट बैंक के साथ किए गए एम0ओ0यू0 के माध्यम से आउटसोर्स कर्मियों को व्यापक सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। वेतन के अनुसार निर्धारित श्रेणी में किसी दुर्घटना या आकस्मिक घटना की स्थिति में परिवार को 20 लाख रुपये से लेकर 40 और 50 लाख रुपये तक दुर्घटना बीमा कवर उपलब्ध कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अग्निकाण्ड की स्थिति में 10 लाख रुपये, आकस्मिक दवा के लिए अधिकतम 05 लाख रुपये, आपात स्थिति में एयर एम्बुलेंस की आवश्यकता होने पर 10 लाख रुपये तक की सहायता प्रदान की जाएगी। अन्य आकस्मिक परिस्थितियों में प्रदेश सरकार सदैव पीड़ित परिवार के साथ खड़ी रहेगी। यदि किसी परिवार पर सबसे बड़ी अनहोनी आती है, तो उसे अकेला न छोड़ते हुए, पुत्र की शिक्षा के लिए 08 लाख रुपये, पुत्री की शिक्षा के लिए 10 लाख रुपये तथा दो पुत्रियों के विवाह के लिए 08 से 10 लाख रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। कर्मियों का जीरो बैलेंस खाता खोलने तथा बैंक खाते के माध्यम से परिवार के अधिकतम चार सदस्यों को विशेष योजनाओं का लाभ देने की व्यवस्था भी की जा रही है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आर्टिफिशियल इण्टेलिजेंस, ऑटोमेशन और नई अर्थव्यवस्था के दौर में कार्य की प्रकृति बदल रही है, लेकिन मानव श्रम की गरिमा कभी नहीं बदलेगी। टेक्नोलॉजी जितनी आगे जाएगी, गवर्नेंस को उतना ही अधिक मानवीय होना पड़ेगा। संवेदना ही हमारी पहचान होनी चाहिए। विगत 09 वर्षों में डबल इंजन सरकार ने भय, अराजकता और भ्रष्टाचार से मुक्त तथा पारदर्शी कार्यसंस्कृति स्थापित करने का कार्य किया है। कानून व्यवस्था में सुधार, बिजली-पानी की उपलब्धता, बेहतर सड़कें, डी0बी0टी0 के माध्यम से सीधे खाते में लाभ पहुंचना और शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना इसी परिवर्तन का हिस्सा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश के कारीगरों के पास पीढ़ियों से हुनर था, लेकिन बाजार उनसे दूर था। मुरादाबाद का पीतल उद्योग, अलीगढ़ का ताला उद्योग, मिर्जापुर-भदोही-वाराणसी का कालीन, लखनऊ की चिकनकारी, कन्नौज का इत्र, सहारनपुर और बिजनौर की लकड़ी की कला उत्तर प्रदेश की पहचान है। डबल इंजन सरकार ने ‘एक जनपद एक उत्पाद’ योजना के माध्यम से कारीगरों को तकनीक, बाजार और नए अवसरों से जोड़ा। इससे उनका हुनर रोजगार और आर्थिक गतिविधि का माध्यम बना है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में लगभग 96 लाख एम0एस0एम0ई0 इकाइयां हैं, जिनसे 03 करोड़ 15 लाख से अधिक लोग जुड़े हुए हैं। एम0एस0एम0ई0 के लिए सिंगल विण्डो व्यवस्था बनाई गई है। अनेक स्वीकृतियों को डीम्ड व्यवस्था के अन्तर्गत लाया गया है, ताकि उद्यमियों को अनावश्यक कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश प्रस्ताव आए हैं और उनकी ग्राउण्ड ब्रेकिंग के माध्यम से नए उद्योग स्थापित हो रहे हैं। बड़े उद्योगों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों और विभिन्न आर्थिक गतिविधियों के माध्यम से प्रदेश की लगभग 01 करोड़ महिलाएं विकास प्रक्रिया में भागीदारी कर रही हैं। मिल्क प्रोड्यूसर समूह झांसी, आगरा, लखनऊ, रायबरेली, वाराणसी और गोरखपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों में सफलतापूर्वक कार्य कर रहे हैं। 04 लाख से अधिक बहनें इन गतिविधियों से जुड़कर आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही हैं। जब करोड़ों महिलाएं आर्थिक गतिविधियों से जुड़ती हैं, तो केवल परिवार नहीं बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था भी तेज गति से आगे बढ़ती है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2017 से पूर्व युवाओं के सामने भर्ती प्रक्रिया में पेपर लीक, परिणाम, नियुक्ति और सेवा की अनिश्चितता रहती थी। प्रदेश सरकार ने इस पूरी व्यवस्था को बदलने का काम किया है। आयोगों एवं भर्ती बोर्डों को पारदर्शितापूर्वक काम करने के निर्देश दिए गए हैं। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की व्यवस्था की गई है। विगत 09 वर्षों में 09 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने में सफलता प्राप्त हुई है। विभिन्न परीक्षाओं के परिणाम लगातार आ रहे हैं। आगामी 06 महीनों में लगभग 01 लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए जाने का लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस में लगभग 2.25 लाख कार्मिकों की भर्ती की गई है। वर्ष 2017 तक प्रदेश पुलिस में महिला कार्मिकों की संख्या लगभग 10 हजार थी, जो अब बढ़कर लगभग 44 हजार हो गई है। आने वाली नई भर्तियों के बाद यह संख्या और बढ़ेगी। पारदर्शी भर्ती व्यवस्था के कारण युवाओं को योग्यता और मेरिट के आधार पर अवसर मिल रहे हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में स्टार्टअप की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। युवाओं को स्किल, इनोवेशन और टेक्नोलॉजी से जोड़कर मार्केट एवं इण्डस्ट्री रेडी वर्कफोर्स तैयार की जा रही है। युवाओं को आर्टिफिशियल इण्टेलिजेंस, रोबोटिक्स, इण्टरनेट ऑफ थिंग्स, 3डी प्रिंटिंग सहित आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आई0टी0, इलेक्ट्रॉनिक्स, ए0आई0, सेमीकण्डक्टर, स्टार्टअप, डाटा सेण्टर, एम0एस0एम0ई0 और डिफेंस सहित अनेक क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर तैयार हुए हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में उच्च शिक्षा के विस्तार के लिए नई नीति के माध्यम से सभी 75 जनपदों में समान अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है। प्रत्येक मण्डल में विश्वविद्यालय की व्यवस्था के साथ उच्च शिक्षा के क्षेत्र में विस्तार किया गया है। भेदभावपूर्ण पुरानी व्यवस्थाओं को समाप्त कर समान अवसर की नीति लागू की गई है।
उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में प्रदेश में सुशासन एवं पारदर्शिता की नई कार्यसंस्कृति विकसित हुई है। उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के माध्यम से आउटसोर्स कर्मियों के अधिकारों तथा सम्मान की सुरक्षा होगी। आउटसोर्स कर्मियों को पूर्ण जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना होगा।
उप मुख्यमंत्री श्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम का गठन लम्बे समय से चली आ रही आउटसोर्स कर्मियों की मांग को पूर्ण करने वाला ऐतिहासिक कदम है। आउटसोर्स कर्मियों को सुरक्षा कवच मिला है, लेकिन इसके साथ उनकी जिम्मेदारी भी बढ़ी है। उन्हें अपने कर्तव्यों का पूरी निष्ठा और ईमानदारी से पालन करना होगा। मानदेय में ऐतिहासिक वृद्धि के साथ दुर्घटना बीमा एवं अन्य सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं मिलना मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम से सम्बन्धित एक लघु फिल्म प्रदर्शित की गयी। इसमें निगम की कार्यप्रणाली, डिजिटल व्यवस्था, आउटसोर्स कर्मियों के हितों के संरक्षण तथा रोजगार एवं सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी सुविधाओं की जानकारी दी गई।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव सचिवालय प्रशासन श्री मनीष चौहान, प्रबन्ध निदेशक उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम श्रीमती अमृता सोनी, मुख्य महाप्रबन्धक भारतीय स्टेट बैंक श्री दीपेश राज सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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