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मां कामाख्या धाम महोत्सव : दो दिवसीय कृषि मेले का हुआ समापन

-किसानों के हित में कार्य कर रही सरकार : सूर्य प्रताप शाही
रुदौली-अयोध्या(आरएनएस )। मां कामाख्या धाम महोत्सव के अंतिम दिन आयोजित दो दिवसीय कृषि मेले का भव्य समापन हुआ, जिसमें प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने पहुंचकर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। उनके आगमन पर क्षेत्रीय विधायक एवं महोत्सव न्यास के संरक्षक रामचंद्र यादव तथा महोत्सव न्यास के अध्यक्ष रविकांत तिवारी मोनू ने उनका भव्य स्वागत किया। कार्यक्रम की शुरुआत कृषि मंत्री द्वारा मां कामाख्या के फोटो के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर की गई। इसके पश्चात उन्होंने मंच से किसानों को संबोधित करते हुए सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने किसानों को बताया कि आधुनिक तकनीक, उन्नत बीज, सरकारी योजनाओं और अनुदानों का लाभ उठाकर वे अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं। इस दौरान उन्होंने विशेष रूप से फॉर्मर रजिस्ट्री कराने पर जोर देते हुए कहा कि सभी किसान अपनी फॉर्मर रजिस्ट्री अवश्य करवा लें, जिससे उन्हें सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि किसानों को लाभ पहुंचाना ही नरेंद्र मोदी एवं योगी आदित्यनाथ की मंशा है और सरकार लगातार किसानों के हित में कार्य कर रही है। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने इस अवसर पर कस्टम हायरिंग सेंटर से संबंधित लाभार्थी किसानों को चाभियां भी सौंपीं, जिससे किसानों को आधुनिक कृषि उपकरणों की सुविधा आसानी से उपलब्ध हो सकेगी और उनकी लागत में कमी आएगी।
कार्यक्रम के दौरान कृषि विभाग के अधिकारियों ने भी किसानों को योजनाओं के बारे में जानकारी दी और उनकी समस्याओं का समाधान किया। मेले में लगे विभिन्न स्टॉलों के माध्यम से किसानों को नई तकनीकों और संसाधनों की जानकारी प्राप्त हुई, जिससे उन्हें भविष्य में बेहतर उत्पादन करने में सहायता मिलेगी। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी के.के. सिंह,  चेयरमैन शीतला प्रसाद शुक्ला, महोत्सव न्यास के अध्यक्ष रविकांत तिवारी मोनू,भाजपा जिलाध्यक्ष राधेश्याम त्यागी, पूर्व ब्लॉक प्रमुख कमलेश यादव, आलोक चन्द्र यादव, कप्तान गिरी, राम प्रताप यादव, उपकृषि निदेशक डॉ. पी.के. कन्नौजिया, संयुक्त कृषि निदेशक ए.के. मिश्रा, अपर निदेशक मृदा डॉ. सौरभ वर्मा, सभासदगण सहित क्षेत्र के किसान एवं अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। महोत्सव के अंतिम दिन आयोजित इस कार्यक्रम ने किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया, जहां उन्हें सीधे सरकार और विशेषज्ञों से जुड़ने का अवसर मिला और कृषि विकास की दिशा में महत्वपूर्ण संदेश दिए गए।

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