
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोमवार को अपने सरकारी आवास 7-कालिदास मार्ग पर आयोजित ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से पहुंचे सैकड़ों लोगों की समस्याओं को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना। कार्यक्रम में महिलाओं, बुजुर्गों, युवाओं और किसानों सहित समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने अपनी शिकायतें और सुझाव उपमुख्यमंत्री के समक्ष रखे।सुबह से ही उपमुख्यमंत्री आवास पर फरियादियों का तांता लगा रहा। जनता दर्शन में बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर पहुंचे, जिनसे उपमुख्यमंत्री ने एक-एक कर मुलाकात की और उनके प्रार्थना पत्र प्राप्त किए। इस दौरान उन्होंने संबंधित मामलों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
जनता दर्शन में महिलाओं ने घरेलू विवाद, पेंशन और सुरक्षा से जुड़ी समस्याएं रखीं, जबकि बुजुर्ग स्वास्थ्य सेवाओं और राजस्व मामलों की शिकायत लेकर पहुंचे। किसानों ने सिंचाई, खाद की उपलब्धता तथा आवारा पशुओं से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। वहीं युवाओं ने रोजगार और शिक्षा से संबंधित कठिनाइयों को उपमुख्यमंत्री के सामने रखा।कई गंभीर मामलों में उपमुख्यमंत्री ने तत्काल संबंधित जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों से फोन पर बात कर वस्तुस्थिति की जानकारी ली और प्राथमिकता के आधार पर शिकायतों के समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी निस्तारण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।इस अवसर पर केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” की भावना के साथ कार्य कर रही है। सरकार का लक्ष्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना और उसकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है।उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी गरीब, असहाय या जरूरतमंद व्यक्ति को न्याय के लिए भटकना नहीं पड़े। शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि धरातल पर फरियादी को राहत महसूस होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।जनता दर्शन में पहुंचे लोगों ने उपमुख्यमंत्री की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि यहां उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना जाता है और समाधान की दिशा में त्वरित कार्रवाई भी होती है। उपमुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि प्राप्त सभी प्रार्थना पत्रों को पोर्टल पर दर्ज कर उनका नियमित फॉलोअप कराया जाएगा, ताकि कोई भी मामला लंबित न रहे।



