
आचार्यों द्वारा पूजन-अर्चन के उपरांत विधि-विधान से स्थापित किया गया ध्वज
अयोध्या(आरएनएस )। भगवान श्री राम की पावन नगरी अयोध्या में धार्मिक उत्सवों की शृंखला के बीच परकोटा के सूर्य मंदिर के शिखर पर गुरुवार को विधिवत ध्वजारोहण संपन्न हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार और श्रद्धा-भक्ति के वातावरण में यह आयोजन साधु-संतों की गरिमामयी उपस्थिति में पूरा हुआ। इससे पूरा परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।गुरुवार को सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। आचार्यों द्वारा पूजन-अर्चन के उपरांत विधि-विधान से ध्वज स्थापित किया गया। जैसे ही शिखर पर ध्वज फहराया गया ’जय श्री राम’ और सूर्य नारायण के जयघोष से वातावरण गूंज उठा। इस अवसर पर महंत देवेंद्र प्रसादाचार्य, महंत वैदेही वल्लभ शरण, महंत रामशरण दास, जगद्गुरु श्रीधराचार्य, मंदिर निर्माण के प्रभारी गोपाल राव, एसपी सुरक्षा बल रामाचारी दुबे सहित सैकड़ों की संख्या में संत एवं भक्त मौजूद रहे।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सेवा कैंप का शुभारंभ
अयोध्या(आरएनएस )। रामनवमी के अवसर पर श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए श्रीराम अस्पताल के सामने एक सेवा केंद्र स्थापित किया गया है। इस सुविधा केंद्र का शुभारंभ चंपत राय, महासचिव श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट द्वारा किया गया प्रशासनिक अधिकारी यश प्रकाश सिंह ने बताया कि इस कैंप के माध्यम से श्रद्धालुओं के लिए पेयजल की समुचित व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए ओआरएस का निशुल्क वितरण भी किया जा रहा है, ताकि लंबी दूरी से आने वाले श्रद्धालुओं को ऊर्जा मिल सके और वे सुरक्षित रूप से दर्शन कर सकें उन्होंने बताया कि कैंप में श्रद्धालुओं के लिए 10 हजार (10,000) पानी की बोतलों, 20 हजार (20,000) ओआरएस पैकेट, 1 क्विंटल पेठा और 50 किलो लड्डू की विशेष व्यवस्था की गई है, जिससे बड़ी संख्या में आने वाले भक्तों को राहत मिल सके इस अवसर पर जगतगुरु परमहंसाचार्य, इकबाल अंसारी, सीएमओ देवेंद्र प्रताप भदौरिया, श्रीराम अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनोद कुमार वर्मा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। प्रशासन का कहना है कि रामनवमी के दौरान अयोध्या आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा और स्वास्थ्य सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है, जिसके लिए ऐसे सेवा कैंप महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।



